लिंक एक्सप्रेस वे की खस्ताहाली

बरसात के चलते उत्तर प्रदेश के लिंक एक्सप्रेस वे पर स्थिति गंभीर हो गई है। गोरखपुर को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले इस एक्सप्रेस वे की डाउन लेन में कई गड्‌ढे बन गए हैं। विशेष रूप से सरयू नदी के पार के हिस्से में गड्‌ढों की संख्या अधिक है, जो वाहनों के लिए खतरा उत्पन्न कर रही है।

इस एक्सप्रेस वे का लोकार्पण 20 जून 2022 को हुआ था और एक साल से भी कम समय में, इसकी स्थिति बेहद खराब हो गई है। बारिश के दिनों में यहां गड्‌ढे दिखाई देने लगे हैं, जिनमें से कुछ इतने गहरे हैं कि तेज गति में चलने वाली गाड़ी उछल सकती है। इस प्रकार की घटनाएं कई बार देखी जा चुकी हैं, जहां गाड़ी का पहिया गड्‌ढे में धंस गया है।

लिंक एक्सप्रेस वे के दो हिस्सों में से पहला हिस्सा गोरखपुर के जैतपुर से अंबेडकरनगर के फुलवरिया तक लगभग 48 किलोमीटर लंबा है, जबकि दूसरा हिस्सा फुलवरिया से आजमगढ़ के सलारपुर तक 43 किलोमीटर है। इन दोनों हिस्सों का निर्माण अलग-अलग कंपनियों द्वारा किया गया था, लेकिन दूसरी लेन में गड्‌ढों की समस्या अधिक गंभीर है।

  • गोरखपुर की ओर आती लेन में जोखिम बढ़ गया है।
  • सरयू नदी के पार कई स्थानों पर गड्‌ढे बन गए हैं।
  • हालांकि कुछ स्थानों पर पैचिंग का कार्य हुआ है, लेकिन यह अस्थायी समाधान लगता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों को इस समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए। गड्‌ढों का यह खतरा किसी भी वक्त गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। इससे बचने के लिए वाहन चालकों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर तेज गति से गाड़ी चलाने से बचें।

अब देखना यह है कि क्या संबंधित प्राधिकरण इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाते हैं या यह स्थिति यूं ही बनी रहती है। लोगों की सुरक्षा के लिए यहाँ त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि सड़क परिवहन सुरक्षित रह सके।