कॉलेज में विवाद का कारण
दिल्ली विश्वविद्यालय के पीजीडीएवी कॉलेज में एक विवाद ने तूल पकड़ लिया है, जब डूसू सचिव कुणाल चौधरी पर शिक्षकों के साथ बदतमीजी करने का आरोप लगा। यह घटना तब घटी जब एक छात्र ने दाखिले के लिए अपने ओबीसी प्रमाणपत्र को लेकर शिक्षकों से संपर्क किया। छात्रों और शिक्षकों के बीच इस मुद्दे को लेकर मतभेद उभरे, जिसके बाद चौधरी ने शिक्षकों के साथ बहस की।
जानकारी के अनुसार, इस घटना के दौरान एक महिला प्रोफेसर को भी धमकाने का आरोप लगाया गया है। यह घटना उस समय हुई जब छात्र के प्रमाणपत्र में खामियों को लेकर शिक्षकों ने अपनी आपत्ति जताई थी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें चौधरी का आक्रामक व्यवहार स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
शिक्षकों ने इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि इस प्रकार की बदतमीजी शिक्षा के माहौल को खराब करती है। शिक्षिका ने कहा कि ऐसे व्यवहार का कॉलेज के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है तथा यह छात्रों के लिए एक गलत संदेश भेजता है।
डूसू सचिव ने अपने बचाव में कहा है कि वह केवल छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ रहे थे, लेकिन शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया गया। इस पूरे विवाद ने कॉलेज और डूसू के बीच नाखुशी की स्थिति उत्पन्न की है।
- कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में जांच का आश्वासन दिया है।
- शिक्षकों ने छात्र संघ से उचित कार्रवाई की मांग की है।
- इस वीडियो को लेकर विभिन्न छात्र संगठन भी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
इस घटना ने दिल्ली विश्वविद्यालय के अन्य कॉलेजों में भी चर्चा का विषय बना दिया है। कई छात्रों और शिक्षकों ने इस घटना की निंदा की है और इसे कॉलेज के अनुशासन के लिए खतरा मानते हैं। इस विवाद का आगे क्या परिणाम होगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
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