सुधा डेयरी में वित्तीय अनियमितताओं का रहस्योद्घाटन

बिहार का प्रसिद्ध डेयरी ब्रांड सुधा, जिसके नाम पर लाखों लोगों की जीविका निर्भर है, अब गंभीर वित्तीय घोटाले के आरोपों में फंस गया है। बेगूसराय की बरौनी डेयरी में 100 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जिससे डेयरी के प्रशासकों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह अनियमितताएँ 2023 से 2026 की अवधि में हुईं, जिसमें खरीदारी, टेंडर और विभिन्न वित्तीय लेनदेन शामिल थे। जांच टीम ने 1311 पन्नों की फाइलों की छानबीन की, जिसमें कई साक्ष्य सामने आए। इनमें धोखाधड़ी से खरीदे गए उत्पादों की कीमत और डिलीवरी के रिकॉर्ड में गड़बड़ियाँ शामिल हैं।

इस मामले में बरौनी डेयरी के पूर्व प्रभारी रवींद्र प्रसाद और वर्तमान चेयरमैन विजय शंकर सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जांच में पाया गया कि डेयरी ने बिना टेंडर के रिश्तेदारों की गाड़ियों का इस्तेमाल किया और महत्वपूर्ण सामानों की खरीद में स्पष्ट नियमों का उल्लंघन किया।

  • तीन Apple iPad खरीदने के लिए ट्रक का इस्तेमाल किया गया, जो कि नियमों के खिलाफ है।
  • चेरमेन के बेटे को नियमों के खिलाफ डिस्ट्रीब्यूटर एजेंसी दी गई।
  • 110 करोड़ रुपये का ओवरड्राफ्ट बिना निदेशक मंडल की मंजूरी के लिया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि डेयरी ने दूध विक्रय में नियमों का उल्लंघन किया, जिसके कारण 14.30 करोड़ रुपये का हैंडलिंग लॉस हुआ। जांच टीम ने यह स्पष्ट किया कि कई अनुबंधों को बिना बोर्ड की मंजूरी और पारदर्शिता के संपन्न किया गया।

वर्तमान में पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, जिसमें फॉरेंसिक ऑडिट भी शामिल है। इसके जरिए यह स्पष्ट किया जाएगा कि कितनी गड़बड़ियाँ हुईं और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होनी चाहिए। अगर ये आरोप सिद्ध होते हैं, तो बिहार के डेयरी ब्रांड सुधा की छवि को गंभीर नुकसान होगा।