विजयवाड़ा में विनायक चतुर्थी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन वर्ष दर वर्ष इसमें पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस वर्ष, विजयवाड़ा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VMC) के कमिश्नर HM ध्यानचंद्र ने एक विशेष अपील की है।
मिट्टी की मूर्तियों का महत्व
कमिश्नर ने शहर के निवासियों से अनुरोध किया है कि वे इस पावन अवसर पर मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का चयन करें। उन्होंने कहा कि मिट्टी की मूर्तियां न केवल पारंपरिक हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अनुकूल हैं।
ध्यानचंद्र ने बताया कि प्लास्टिक और अन्य सिंथेटिक सामग्रियों से बनी मूर्तियों का उपयोग करने से जल निकायों में प्रदूषण बढ़ता है, जिससे जलीय जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
- मिट्टी की मूर्तियों का उपयोग करने से पर्यावरण की रक्षा होती है।
- यह स्थानीय कारीगरों का समर्थन करने का एक अवसर भी है।
- यह पारंपरिक संस्कृति को बनाए रखने में मदद करता है।
कमिश्नर ने यह भी जोर दिया कि शहर के लोग इस बार एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में कार्य करें और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर इस त्योहार को मनाना चाहिए जो न केवल धार्मिक है, बल्कि हमारे पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में भी एक कदम है।
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