तिघरा बांध की जलापूर्ति से होगी राहत

ग्वालियर अंचल में लगातार हो रही बारिश के कारण तिघरा बांध अपनी अधिकतम क्षमता तक भर गया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बांध के गेटों को खोलकर सांक नदी में लगभग 1040 क्यूसेक पानी की निकासी की। इससे न केवल जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि ग्वालियर के निवासियों के लिए एक राहत की उम्मीद भी बनी है।

शहर की जलापूर्ति सुधारने के लिए बांध का जलस्तर 739.50 फीट तक पहुंच चुका है। इससे पहले, ग्वालियर जिले के निवासियों को पानी की आपूर्ति एक दिन छोड़कर मिल रही थी, और हाल ही में मटमैले पानी की समस्या ने परेशानी बढ़ा दी थी। अब उम्मीद है कि तिघरा के जल भराव से गंदे पानी की समस्या का समाधान होगा और हर दिन साफ पानी की सप्लाई शुरू होगी।

  • तिघरा बांध के गेट खोले गए हैं, जिससे सांक नदी में जल प्रवाह बढ़ा है।
  • जल संसाधन विभाग और नगर निगम के अधिकारियों की बैठक में प्रतिदिन पानी की सप्लाई पर सकारात्मक चर्चा हुई।
  • महापौर ने बांध के हालात का निरीक्षण किया, जिससे सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया गया।

जल संसाधन विभाग ने चेतावनी जारी की थी कि तिघरा बांध का जल स्तर बढ़ रहा है और सुरक्षा के लिहाज से गेट खोले जाने का निर्णय लिया गया। इस कदम से शहर में जल संकट की समस्या को निपटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने मौके पर जाकर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि जलभराव की स्थिति की सही तरीके से देखरेख की जा रही है। इस दौरान कई प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने बांध की सुरक्षा और जल निकासी प्रक्रिया पर चर्चा की।

युवाओं और स्थानीय निवासियों को आशा है कि गर्मियों में जल संकट की समस्या को जल्द ही दूर किया जाएगा। अगर सभी प्रक्रियाएं सफल रहीं, तो नागरिकों को प्रतिदिन अच्छी गुणवत्ता का जल मिलने लगेगा जो उनकी दिनचर्या में एक सकारात्मक बदलाव लाएगा।