ऋतुजा पाटिल: टॉपर से आरोपी तक का सफर

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा में टॉप-10 में स्थान हासिल करने वाली ऋतुजा पाटिल अब पेपर लीक मामले में आरोपी बन गई हैं। CBI जांच में उनकी 270 पेज लंबी व्हाट्सअप चैट सामने आई है, जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि उन्होंने पेपर लीक में संलिप्तता दिखाई थी। यह परीक्षा 25 अगस्त को पेपर लीक के कारण रद्द कर दी गई थी।

ऋतुजा ने ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल की थी। लेकिन अब उनकी चैट से यह पता चला है कि उन्होंने अन्य आरोपी गौरव पाटिल से पेपर खरीदने की बात की थी। इस चैट में यह भी स्पष्ट हुआ कि उन्होंने 90 सवालों में से केवल 78 का जवाब दिया था, जिससे कोई संदेह न हो।

जानकारी के अनुसार, ऋतुजा ने अपनी मोबाइल फोन को परीक्षा के बाद उल्हास नदी में फेंकने का भी जिक्र किया था ताकि पुलिस से बचा जा सके। CBI का मानना है कि गौरव पाटिल की फोन की बैकअप और चैट हिस्ट्री रिकवर होने के बाद यह मामला उजागर हुआ।

इस बीच, पेपर लीक के खुलासे के बाद छात्रों में आक्रोश बढ़ गया है। प्रदर्शनकारी MPSC की परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता की मांग कर रहे हैं। छात्र 5 सितंबर से उग्र आंदोलनों में शामिल हो गए हैं और उन्होंने MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की है।

  • महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग में धांधलियों को लेकर छात्रों का विरोध जारी
  • आंदोलन के तहत छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता की मांग की
  • अमरावती में हजारों छात्रों ने प्रदर्शन किया

इसके अलावा, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को बड़े पैमाने पर किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने पूरे महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े छात्रों को एकजुट किया है और उनके हितों की रक्षा के लिए वे सक्रिय रूप से आवाज उठा रहे हैं।